कबीरधाम (कवर्धा)

सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित,पंडरिया में छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग मंत्रालय द्वारा जारी स्थानांतरण आदेशों का खुलेआम उल्लंघन – आकाश केशरवानी

 

कवर्धा पंडरिया महाप्रबंधक राकेश सिंह राजपूत का स्थानांतरण होने के 40 दिन बाद भी उन्हें कारखाने से रिलीव नहीं किया गया है छत्तीसगढ़ शासन सहकारिता विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर,अटल नगर, 492002 आदेश नवा रायपुर, दिनांक 14 नवम्बर, 2025
क्रमांक = ESTB/12694/2025-COOP / 32 राज्य शासन एतद्द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए विभागीय अधिकारियों को उनके नाम के सम्मुख कॉलम में उल्लेखित स्थान पर तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पदस्थ करता है जिसमे अनिल कुमार बनज, सहायक आयुक्त सहकारिता, मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी की नवीन पदस्थापना प्रतिनियुक्ति पर महाप्रबंधक,
सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, पंडरिया के पद पर की गई है वही राकेश सिंह राजपूत, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक, जो वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर महाप्रबंधक के रूप में सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, पंडरिया में पदस्थ हैं, की नवीन पदस्थापना कार्यालय आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ, नवा रायपुर (सहकारिता विभाग, मंत्रालय) में कार्य करने हेतु की गई है। उक्त आदेश जारी हुए 40 दिन से अधिक समय बीत चुका है, इसके बावजूद महाप्रबंधक राकेश सिंह राजपूत को अब तक कार्यमुक्त (रिलीव) नहीं किया गया है, जो कि स्पष्ट रूप से शासनादेश की अवहेलना है।
प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस आकाश केशरवानी ने आरोप लगाया है कि कबीरधाम जिले में शासन के नियमों और आदेशों को कारखाना प्रबंधन गंभीरता से नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारी शासन के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं। महाप्रबंधक राकेश सिह राजपूत पर कारखाने में केबल चोरी, भ्रष्टाचार, तथा वर्तमान सरकार के नेताओं एवं क्षेत्रीय विधायक के कार्यकर्ताओं को नियमों को दरकिनार कर नौकरी में लगाए जाने जैसे गंभीर मामले के आरोप लगे है । इन अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में किसान संगठनों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आंदोलन भी किया था प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस आकाश केशरवानी ने कहा है कि पंडरिया विधानसभा की क्षेत्रीय विधायक सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, पंडरिया में भ्रष्टाचार नहीं होने देने की बात तो करती हैं, लेकिन व्यवहार में भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देती हुई दिखाई दे रही हैं।उन्होंने कहा कि शक्कर कारखाने के प्रबंध संचालक (एमडी) द्वारा शासन के नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा स्थानांतरण के स्पष्ट आदेश जारी किए जाने के बावजूद अब तक राकेश सिंह राजपूत को कारखाने से रिलीव नहीं किया गया है। यह स्थिति न केवल शासन के आदेशों की अवहेलना है, बल्कि भ्रष्टाचार को संरक्षण देने जैसा गंभीर और चिंताजनक मामला भी है, जिस पर राज्य शासन को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।

Surya Gupta

संपादक, chhattisgarhnews36.com

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