कबीरधाम (कवर्धा)

पंडरिया शक्कर कारख़ाना में गड़बड़ी की आशंका, तमिलनाडु से बोरी मंगाने पर उठे गंभीर सवाल

सुर्खियों में हमेशा बने रहते हैं पंडरिया शक्कर कारखाना

कवर्धा, पंडरिया शक्कर कारख़ाना में शक्कर पैकिंग को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार कारख़ाना प्रबंधन द्वारा शक्कर पैकिंग के लिए तमिलनाडु के एक शक्कर कारख़ाना से बोरियां मंगाई गई हैं, जिसको लेकर स्थानीय स्तर पर नाराज़गी और संदेह का माहौल बन गया है।
स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि गन्ना हमारा, शक्कर हमारी और कारख़ाना भी हमारा होने के बावजूद शक्कर को दूसरे राज्य की बोरियों में पैक किया जाना समझ से परे है। इससे यह आशंका गहराने लगी है कि कहीं इसके पीछे शक्कर घोटाले की मंशा तो नहीं है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि कारख़ाना के MD की ऐसी कौन-सी मजबूरी थी कि बोरियों के लिए तमिलनाडु का सहारा लिया गया, जबकि स्थानीय या राज्य स्तर पर बोरियों की व्यवस्था संभव थी। क्या इससे लागत बढ़ी है? और यदि हां, तो उसका लाभ किसे पहुंचाया जा रहा है?
कारख़ाना प्रबंधन और पंडरिया क्षेत्र के राजनीतिक संरक्षण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि कहीं कारख़ाना प्रबंधन और स्थानीय नेतृत्व की मिलीभगत से शक्कर से जुड़ा कोई बड़ा खेल तो नहीं खेला जा रहा स्थानीय किसानों और जागरूक नागरिकों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और यह स्पष्ट करने को कहा है कि
तमिलनाडु से ही बोरी क्यों मंगाई गई
क्या टेंडर प्रक्रिया का पालन हुआ
बोरियों की खरीदी में कितनी राशि खर्च की गई
इस संबंध में कारखाना प्रबंधक से बात हुआ उनका कहना है कि या पैकिंग डैमेज शुगर रखने के लिए खरीदा गया है

Surya Gupta

संपादक, chhattisgarhnews36.com

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